रविवार, 27 सितंबर 2020

भारतीय संविधान : एक नजर में

भारत का संविधानः एक नजर में

भाग-1 (संघ और उसका राज्यक्षेत्र)        

1. संघ का नाम और राज्यक्षेत्र       

2. नये राज्यों का प्रवेश या स्थापना

3. नये राज्यों का निर्माण और वर्तमान राज्यों के क्षेत्रों, सीमाओं या नामों में परिवर्तन

4. पहली और चौथी अनुसूची के संशोधन तथा अनुपूरक, आनुषंगिक और पारिणामिक विषयों का उपबंध करने के लिए अनुच्छेद 2 और अनुच्छेद 3 के अधीन बनाई गई विधियाँ

भाग-2 (नागरिकता)

5. संविधान के प्रारम्भ पर नागरिकता

6. पाकिस्तान से भारत को प्रवर्जन करने वाले कुछ व्यक्तियों के नागरिकता के अधिकार

7. पाकिस्तान को प्रवर्जन करने वाले कुछ व्यक्तियों के नागरिकता के अधिकार

8. भारत के बाहर रहने वाले भारतीय उद्भव के कुछ व्यक्तियों के नागरिकता का अधिकार

9. विदेशी राज्य की नागरिकता स्वेच्छा से ग्रहण करने वाले व्यक्तियों का नागरिक न होना

10. नागरिकता के अधिकारों का बना रहना

11. संसद द्वारा नागरिकता के अधिकारों का विधि द्वारा विनियमन किया जाना

भाग-3 (मौलिक अधिकार)

12. परिभाषा

13. मूल अधिकारों से असंगत एवं उनका अल्पीकरण करने वाली विधियाँ

14. विधि के समक्ष समता

15. धर्म, जाति, मूलवंश, जन्म स्थान व लिंग के आधार पर विभेद पर प्रतिषेध

16. लोकनियोजन की समानता

17. अस्पृश्यता का अन्त

18. उपाधियों का अन्त

19. वाक् एवं अभिव्यक्ति की स्वतन्त्रता

20. अपराध के लिए दोष सिद्धि से संरक्षण

21. प्राण एवं दैहिक सुरक्षा की स्वतन्त्रता

22. निवारक निरोध से संरक्षण

23. बलात् श्रम एवं मानव दुर्व्यापार पर प्रतिषेध

24. कल कारखानों में बालकों के नियोजन पर प्रतिषेध

25. अंतःकरण की और धर्म के अबाध रुप से मानने, आचरण करने तथा प्रचार करने की स्वतन्त्रता

26. धार्मिक कार्यों के प्रबन्धन की स्वतन्त्रता

27. किसी विशिष्ट धर्म की अभिवृद्धि हेतु करों से संदाय के बारे में स्वतन्त्रता

28. कुछ शिक्षण संस्थाओं में धार्मिक शिक्षा या धार्मिक उपासना में उपस्थित होने के बारे में स्वतन्त्रता

29. अल्पसंख्यक-वर्गों के हितों का संरक्षण

30. शिक्षण संस्थानों की स्थापना तथा प्रशासन करने का अल्पसंख्यक वर्गों का अधिकार

31. संपत्ति का अधिकार (निरस्त)

32. मौलिक अधिकार को प्रवर्तित कराने के लिए उपचार

33. इस भाग द्वारा प्रदत्त अधिकारों का, बल आदि लागू होने पर उपांतरण करने की संसद की शक्ति

34. किसी क्षेत्र में सेना विधि लागू होने पर प्रदत्त मूल अधिकारों का निर्बन्धन

35. इस भाग के उपबंधों को प्रभावी करने के लिए विधान

भाग-4 (राज्य के नीति निदेशक तत्व)

36. परिभाषा

37. इस भाग के अन्तर्विष्ट तत्वों का लागू होना

38. राज्य में लोक कल्याण की अभिवृद्धि के लिए सामाजिक व्यवस्था बनाये रखना

39. राज्य द्वारा अनुसरणीय कुछ नीति तत्व

40. पंचायतों का संगठन

41. कुछ दशाओं में काम शिक्षा और लोक सहायता पाने का अधिकार

42.काम की न्यायसंगत और मानवोचित दशाओं तथा प्रसूति सहायता का उपबंध

43. कर्मकारों के लिए निर्वाह मजदूरी आदि

44. नागरिकों के लिए एकसमान सिविल संहिता

45. छः वर्ष के कम आयु के बालकों के लिए प्रारम्भिक बाल्यवस्था देख-रेख तथा शिक्षा का उपबंध

46. अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों और अन्य दुर्बल वर्गोंके शिक्षा और अर्थ संबंधी हितों का संरक्षण

47. पोषाहार स्तर और जीवन स्तर को ऊँचा करने तथा लोक स्वास्थ्य का सुधार करने का राज्य का कर्त्तव्य

48. कृषि और पशुपालन का संगठन

49. राष्ट्रीय महत्व के संस्मारकों, स्थानों और वस्तुओं का संरक्षण

50. कार्यपालिका से न्यायपालिका का पृथक्करण

51. अंतर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा की अभिवृद्धि

भाग-4(क) (मूल कर्त्तव्य)

51. (क) मूल कर्त्त्व्य 

भाग-5 (संघ)

52. भारत का राष्ट्रपति

53. संघ की कार्यपालिका शक्ति

54. राष्ट्रपति का निर्वाचन

55. राष्ट्रपति की निर्वाचन रीति

56. राष्ट्रपति का कार्यकाल

57. पुर्ननिर्वाचन हेतु योग्यता

58. राष्ट्रपति निर्वाचन हेतु योग्यता

59. राष्ट्रपति पद की शर्तें

60. राष्ट्रपति द्वारा शपथ या प्रतिज्ञान

61. राष्ट्रपति पर महाभियोग की प्रक्रिया

62. राष्ट्रपति के पुनर्चुनाव का समय

63. भारत का उपराष्ट्रपति

64. उपराष्ट्रपति का पदेन सभापति के रुप में कार्य

65. उपराष्ट्रपति का अकास्मिक समय में राष्ट्रपति के रुप में कार्य करना

66. उपराष्ट्रपति का निर्वाचन

67. उपराष्ट्रपति का कार्यकाल

68. उपराष्ट्रपति के पुनर्चुनाव का समय या चुने गये व्यक्ति की पदावधि

69. उपराष्ट्रपति का शपथ

70. आकस्मिक समय में राष्ट्रपति के कृत्यों का निर्वहन

71. राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के चुनाव सम्बन्धी उपबन्ध

72. क्षमा आदि की और कुछ मामलों में दण्डादेश, परिहार या लघुकरण की राष्ट्रपति की शक्ति

73. संघ की कार्यपालिका शक्ति का विस्तान

74. राष्ट्रपति के सलाह के लिए मन्त्रीपरिषद्

75. मन्त्रियों के अन्य उपबन्ध

76. महान्यायवादी

77. सरकार द्वारा कार्यों का संचालन

78. प्रधानमन्त्री के कर्त्तव्य

79. संसद का गठन

80. राज्यसभा का संघटन

81. लोकसभा का संघटन

82. प्रत्येक जनगणना के पश्चात् पुनर्समायोजन

83. संसद के सदस्यों के लिए अर्हताएं

84. संसद के सदस्यों की पदावधि

85. सत्र, सत्रावसान और विघटन

86. राष्ट्रपति द्वारा संसद के सदस्यों को संदेश या अभिभाषण देने का अधिकार

87. राष्ट्रपति द्वारा विशेष अभिभाषण

88. संसद के सदस्यों और महान्यायवादी के अधिकार

89. राज्यसभा के सभापति और उपसभापति

90. उपसभापति का पदत्याग, त्यागपत्र एवं विमुक्ति

91. उपसभापति या किसी अन्य व्यक्ति द्वारा सभापति के कृत्यों का निर्वहन

92. जब सभापति या उपसभापति को पद से हटाये जाने का संकल्प सदन में विचाराधीन हो, तो उसका पीठासीन न होना

93. लोकसभा के अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष

94. अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का पदत्याग, त्यागपत्र और विमुक्ति

95. उपाध्यक्ष या किसी अन्य व्यक्ति द्वारा अध्यक्ष के कृत्यों का निर्वहन

96. जब अध्यक्ष और उपाध्यक्ष को पद से हटाये जाने का संकल्प विचाराधीन हो तो उसका पीठासीन न होना

97. राज्यसभा के सभापति और उपसभापति तथा लोकसभा के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष को वेतन और भत्ते

98. संसद का सचिवालय

99. संसद के सदस्यों का शपथ

100. मतदान, संदन में रिक्तियों के होते हुए भी कार्यों का संचालन और मतगणना

101. स्थानों की रिक्तियां

102. सदस्यता के लिए निर्हताएं

103. सदस्यता हेतु निर्हताओं से सम्बन्धित प्रश्नों पर विनिश्चय

104. अनुच्छेद- 99 के अधीन शपथ लेने से पूर्व या सदन से निर्हित किये जाने पर सदन में बैठने और मत देने पर शास्ति

105. संसद के सदनों की तथा उनके सदस्यों और समितियो की शक्तियां, विशेषाधिकार आदि

106.सदस्यों के वेतन और भत्ते

107. विधेयकों को पेश करने और पारित किये जाने सम्बन्धी उपबंध

108. कुछ दशाओं में दोनों सदनों की संयुक्त बैठक

109. धन विधेयकों के संबंध में विशेष प्रक्रिया

110. धन विधेयक की परिभाषा

111. राष्ट्रपति का वीटो पावर

112. वार्षिक वित्तीय विवरण

113. संसद में प्राक्कलनों के संबंध में प्रक्रिया

114. विनियोग विधेयक

115. अनुपूरक,अतिरिक्त अनुदान

116. लेखानुदान,  प्रत्ययानुदान, अपवादानुदान

117. वित्त विधेयकों के बारे में विशेष उपबंध

118. प्रक्रिया के नियम

119. संसद में वित्तीय कार्य सम्बन्धी प्रक्रिया का विधि द्वारा विनियमन

120. संसद में प्रयोग की जाने वाली भाषा

121. संसद में चर्चा पर निर्बन्धन

122. न्यायालय द्वारा संसद की कार्यवाहियों की जांच न किया जाना

123. विश्रांतिकाल में राष्ट्रपति द्वारा अध्यादेश जारी करने की शक्ति

124. उच्चतम न्यायालय का गठन

125. उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीशों के वेतन और भत्ते

126. कार्यकारी मुख्य न्यायामूर्ति की नियुक्ति

127. तदर्थ न्यायाधीशों की नियुक्ति

128. उच्चतम न्यायालय की बैठकों में सेवानिवृत्त न्यायाधीशों की उपस्थिति

129. उच्चतम न्यायालय का अभिलेख न्यायालय होना

130. उच्चतम न्यायालय का स्थान

131. उच्चतम न्यायालय की आरम्भिक अधिकारिता

132. कुछ मामलों में उच्च न्यायालयों से अपीलों में उच्च न्यायालय की अपीली अधिकारिता

133. उच्च न्यायालय से सिविल विषयों से सम्बन्धित अपीलों में उच्चतम न्यायालय की अपीली अधिकारिता

134. दाण्डिक विषयों में उच्चतम न्यायालय की अपीली अदिकारिता

134(क). उच्चतम न्यायालय में अपील के लिए प्रमाणपत्र

135. विद्यमान विधि के अधीन फेडरल न्यायालय की अधिकारिता और शक्तियों का उच्चतम न्यायालय द्वारा प्रयोक्त्व्य होना

136. अपील के लिए उच्चतम न्यायालय से विशेष इजाजत

137. उच्चतम न्यायालय की न्यायिक पुनर्विलोकन की शक्ति

138. उच्चतम न्यायालय की अधिकारिता में वृद्धि

139. कुछ रिट निकालने की शक्तियों का उच्चतम न्यायालय द्वारा प्रदत्त किया जाना

139(क). कुछ मामलों का अंतरण

140. उच्चतम न्यायालय की आनुषंगिक अधिकारिता

141. उच्चतम न्यायालय द्वारा घोषित विधि का सभी न्यायालयों पर आबद्धकर होना

142. उच्चतम न्यायालय की डिक्रियों और आदेशों का प्रवर्तन और प्रकटीकरण आदि के बारे में उपबंध

143. उच्चतम न्यायालय से परामर्श लेने की राष्ट्रपति की शक्ति

144. सिविल और न्यायिक प्राधिकारियों द्वारा उच्चतम न्यायालय की सहायता में कार्य किया जाना

145. न्यायालय के नियम आदि

146. उच्चतम न्यायालय के अधिकारी सेवक और व्यय

147. निर्वचन

148. भारत का नियंत्रक महालेखा परीक्षक

149. नियंत्रक महालेखा परीक्षक के कर्त्तव्य और शक्तियाँ

150. संघ और राज्यों के लेखाओं का प्रारूप

151. संपरीक्षा प्रतिवेदन

भाग-6 (राज्य)

152. परिभाषा

153. राज्यों के राज्यपाल

154. राज्य की कार्यपालिका शक्ति

155. राज्यपाल की नियुक्ति

156. राज्यपाल की पदावधि

157. राज्यपाल नियुक्त होने हेतु योग्यताएं

158. राज्यपाल पद के लिए शर्तें

159. राज्यपाल का शपथ या प्रतिज्ञान

160. कुछ आकस्मिकताओं पर राज्यपाल के कृत्यों का निर्वहन

161. क्षमा आदि की और कुछ मामलों में दंडादेश के निलंबन, परिहार और लघुकरण की राज्यपाल की शक्ति

162. राज्य की कार्यपालिका शक्ति का विस्तार

163. राज्यपाल को सलाह देने के लिए मन्त्रिपरिषद्

164. मन्त्रियों के अन्य उपबंध

165. राज्य का महाधिवक्ता

166. राज्य की सरकार के कार्य का संचालन

167. राज्यपाल को सूचना देने सम्बन्धी मुख्यमंत्री के कर्त्तव्य

168. राज्यों के विधान-मण्डलों की गठन

169. राज्यों में विधान परिषद् का उत्सादन या सृजन

170. विधान सभाओं की संरचना

171. विधान परिषद् की संरचना

172. राज्य के विधानमण्डल की सदस्यता के लिए अर्हता

173. राज्य के विधानमण्डल की सदस्यता के लिए पदावधि

174. सत्र, सत्रावसान और विघटन

175. सदन या सदनों में अभिभाषण का और उनको संदेश भेजने का राज्यपाल का अधिकार

176. राज्यपाल का विशेष अभिभाषण

177. सदनों के बारे में मंत्रियों और महाधिवक्ता के अधिकार

178 विधान सभा के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष

179. अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का त्यागपत्र, पदरिक्ति एवं विमुक्ति

180. अध्यक्ष के कर्त्तव्यों का पालन करने की उपाध्यक्ष या अन्य व्यक्ति की शक्ति

181. जब अध्यक्ष और उपाध्यक्ष को पद से हटाये जाने का संकल्प विचाराधीन है,तो उसका पीठासीन न होना।

182. विधान परिषद् के सभापति और उपसभापति

183. सभापति और उपसभापति का त्यागपत्र पदरिक्ति एवं विमुक्ति

184. सभापति के कर्तव्यों का पालन करने की उपसभापति या अन्य व्यक्ति की शक्ति

185. जब सभापति या उपसभापति को पद से हटाये जाने का संकल्प विचाराधीन है, तो उसका पीठासीन न होना।

186. विधानसभा के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष एवं विधानपरिषद् के सभापति और उपसभापति के वेतन और भत्ते।

187. राज्य विधानमण्डलों का सचिवालय

188. सदस्यों द्वारा शपथ या प्रतिज्ञान

189. मतदान, रिक्तियां होते हुए भी सदन द्वारा कार्यों का संचालन और गणपूर्ति

190. स्थानों की रिक्ति

191. सदस्यता के लिए निरर्हताएं

192. सदस्यों की निरर्हताओं से सम्बन्धित प्रश्नों पर विनिश्चय

193. अनुच्छेद-188 के अधीन शपथ लेने से पहले निरर्हित किये जाने पर सदन में बैठने और मत देने पर शास्ति

194. विधानमण्डल को सदनों की उनके सदस्यों और समितियों की शक्तियां  विशेषाधिकार आदि

195. सदस्यों के वेतन और भत्ते

196. विधेयक को पेश करने और पारित किये जाने सम्बन्धी उपबन्ध

197. धन विधेयकों के  बारे में विधानपरिषद् की शक्तियों पर निर्बन्धन

198. धन विधेयक के सम्बन्ध में विशेष प्रक्रिया

199. धन विधेयक की परिभाषा

200. विधेयकों पर अनुमति

201. विचार के लिए आरक्षित विधेयक

202. वार्षिक वित्तीय विवरण

203. विधानमण्डल में प्राक्कलन के सम्बन्ध में प्रक्रिया

204. विनियोग विधेयक     

205. अनुपूरक और अतिरिक्त अनुदान

206. लेखानुदान, प्रत्यानुदान और अपवादानुदान

207. वित्त विधेयकों के बारे में विशेष उपबंध

208 . प्रक्रिया के नियम

209. राज्य के विधान मण्डल में वित्तीय कार्य सम्बन्धी प्रक्रिया का विधि द्वारा विनियमन

210. विधानमण्डल में प्रयोग की जाने वाली भाषा

211. विधानमण्डल में चर्चा पर निर्बन्धन

212. न्यायालयों द्वारा विधान मण्डल की कार्यवाहियों की जाँच न किया जाना

213. विश्रांतिकाल में राज्यपाल द्वारा अध्यादेश जारी करने की शक्ति

214.राज्यों के लिए उच्च न्यायालय

215. उच्च न्यायालयों का अभिलेख न्यायालय होना

216. उच्च न्यायालयों का गठन

217. उच्च न्यायालयों के न्यायाधीशों की नियुक्ति और उसके पदों की शर्तें

218. उच्चतम न्यायालय से सम्बन्धित कुछ उपबंधों का उच्च न्यायालयों में लागू होना

219. उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों द्वारा शपथ या प्रतिज्ञान

220. स्थायी न्यायाधीश बने रहने के लिए विधि व्यवसाय पर निर्बन्धन

221. न्यायाधीशों के वेतन आदि

222. किसी न्यायाधीश का एक उच्च न्यायालय से दूसरे उच्च न्यायालय में अंतरण

223. कार्यकारी मुख्य न्यायमूर्ति की नियुक्ति

224. अपर और कार्यकारी न्यायाधीशों की नियुक्ति

224(क). उच्च न्यायालयों की बैठकों में सेवानिवृत्त न्यायाधीशों की नियुक्ति

225. उच्च न्यायालयों की अधिकारिता

226. उच्च न्यायालय द्वारा कुछ रिट जारी करने की शक्ति

227. सभी न्यायालयों के अधीक्षण की उच्च न्यायालय की शक्ति

228. कुछ मामलों का उच्च न्यायालय को अंतरण

229. उच्च न्यायालय के अधिकारी, सेवक तथा व्यय

230. उच्च न्यायालय की अधिकारिता का संघ राज्य क्षेत्रों में विस्तार

231. दो या दो से अधिक राज्यों के लिए एक ही उच्च न्यायालय का गठन

232. निर्वचन (निरस्त)

233. जिला न्यायाधीशों की नियुक्ति

233(क). जिला न्यायाधीशों की नियुक्तियों का और उनके द्वारा दिये गये निर्णयों का विधिमान्यकरण

234. न्यायिक सेवा में जिला न्यायाधीशों से भिन्न व्यक्तियों की भर्ती

235. अधीनस्थ न्यायालयों पर नियंत्रण

236. निर्वचन

237. कुछ वर्गों के मजिस्ट्रेट पर इस अध्याय के उपबंधों का लागू होना

भाग-7 ( प्रथम अनुसूची के भाग-ख में राज्य )

      निरस्त

भाग-8 ( संघ राज्य क्षेत्र)

239. संघ राज्य क्षेत्रों का प्रशासन

239(क). कुछ संघ राज्य क्षेत्रों के लिए स्थानीय विधानमण्डलों या मन्त्रि-परिषदों का या दोनों का सृजन

239(कक). दिल्ली के संबंध में विशेष उपबंध

239(कख). सांविधानिक तंत्र विफल हो जाने की दशा में उपबंध

239(ख). विश्रांतिकाल में अध्यादेश प्रख्यापित करने की प्रशासन की शक्ति

240. कुछ संघ राज्य क्षेत्रों के लिए विनियम बनाने की राष्ट्रपति की शक्ति

241. संघ राज्यक्षेत्रों के लिए उच्च न्यायालय

242. कुर्ग (निरस्त)

भाग-9 (पंचायत)

243. परिभाषाएं

243(क). ग्राम सभा

243(ख). पंचायतों का गठन

243(ग). पंचायतों की संरचना

243(घ). स्थानों के लिए आरक्षण

243(ड़). पंचायतों की अवधि, आदि

243(च). सदस्यता के लिए निरर्हताएं

243(छ). पंचायतों की शक्तियां, प्राधिकार और उत्तरदायित्व

243(ज). पंचायतों द्वारा कर अधिरोपित करने की शक्तियां और उनकी निधियां

243(झ). वित्तीय स्थिति के पुनर्विलोकन के लिए वित्त आयोग का गठन

243(ञ). पंचायतों के लेखाओं की संपरीक्षा

243(ट). पंचायतों के लिए निर्वाचन

243(ठ). संघ राज्य क्षेत्रों का लागू होना

243(ड). इस भाग कतिपय क्षेत्रों पर लागू न होना

243(ढ़). विद्यमान विधियों और पंचायतों का बना रहना

243(ण). निर्वाचन संबंधी मामलों में न्यायालयों के हस्तक्षेप पर वर्जन

भाग-9(क) (नगरपालिकाएँ)

243(त). परिभाषाएं

243(थ). नगरपालिकाओं का गठन

243(द). नगरपालिकाओं की संरचना

243(ध). वार्ड समितियों, आदि का गठन और संरचना

243(न). स्थानों का आरक्षण

243(प). नगरपालिकाओं की अवधि, आदि

243(फ). सदस्यता के लिए निरर्हताएं

243(ब). नगपालिकाओं, आदि की शक्तियां, प्राधिकार और उत्तरदायित्व

243(भ). नगरपालिकाओं द्वारा कर अधिरोपित करने की शक्ति और उनकी निधियाँ

243(म). वित्त आयोग

243(य). नगरपालिकाओं की लेखाओं की संपरीक्षा

243(यक). नगरपालिकाओं के लिए निर्वाचन

243(यख). संघ राज्यक्षेत्रों का लागू होना

243(यग). इस भाग का कतिपय क्षेत्रों को लागू न होना

243(यघ). जिला योजना के लिए समिति

243(यड़). महानगर योजना के लिए समिति

243(यच). विद्यमान विधियों और नगरपालिकाओं का बना रहना

243(यछ). निर्वाचन संबंधी मामलों में न्यायालयों के हस्तक्षेप पर वर्जन

भाग-9(ख) सहकारी समितियां

243(यज). परिभाषाएं 

243(यझ). बोर्ड के सदस्यों एवं पदाधिकारियों की संख्या तथा कार्यकाल

243(यट). बोर्ड के सदस्यों का चुनाव

243(यठ). बोर्ड की बर्खास्तगी तथा निलंबन एवं अंतरिम व्यवस्था

243(यड). सहकारी समितियों के लेखा का अंकेक्षण

243(यढ़).सामान्य सभा की बैठक आहूत करना

243(यण). सदस्य का सूचना पाने का अधिकार

243(यत). रिटर्न     

243(यथ). अपराध एवं दण्ड

243(यद). बहुराज्यव्यापी सहकारी समितियों का आवेदन

243(यध). संघीय क्षेत्रों को आवेदन

243(यन). वर्तमान कानून का जारी रहना

भाग-10 (अनुसूचित और जनजाति क्षेत्र)

244. अनुसूचित क्षेत्रों और जनजाति क्षेत्रों का प्रशासन

244(क). असम के कुछ जनजाति क्षेत्रों को समाविष्ट करने वाला एक स्वाशासी राज्य बनाना और उसके स्थानीय विधान-मण्डल या मंत्रि-परिषद् का या दोनों का सृजन

भाग-11 (संघ और राज्यों के बीच विधायिक संबंध)

245. संसद् द्वारा और राज्यों के विधानमण्डलों द्वारा बनाई गई विधियों का विस्तार

246. संसद् द्वारा और राज्यों के विधानमण्डलों द्वारा बनाई गई विधियों की विषय-वस्तु

247. कुछ अतिरिक्त न्यायालयों की स्थापना का उपबंध करने की संसद की शक्ति

248. अवशिष्ट विधायी शक्तियाँ

249. राज्य सूची के विषय के संबंध में राष्ट्रीय हित में विधि बनाने की संसद की शक्ति

250. यदि आपात उद् घोषणा प्रवर्तन में हो तो राज्य सूची के विषय के संबंध में विधि बनाने की शक्ति

251. संसद द्वारा अनुच्छेद-249 और अनुच्छेद-250 के अधीन बनाई गई विधियों और राज्यों के विधानमण्डलों द्वारा बनायी गई विधियों में असंगति

252. दो या दो से अधिक राज्यों के लिए उनकी सहमति से विधि बनाने की संसद की शक्ति और ऐसी विधि का किसी अन्य राज्य द्वारा अंगीकार किया जाना

253. अंतर्राष्ट्रीय करारों को प्रभावी करने के लिए विधान

254. संसद द्वारा बनाई गई विधियों और राज्यों के विधानमण्डलों द्वारा बनाई गई विधियों में असंगति

255. सिफारिशों और पूर्व मंजूरी के बारे में अपेक्षाओं को केवल प्रक्रिया के विषय मानना

256. राज्यों की और संघ की बाध्यता

257. कुछ दशाओं में राज्यों पर संघ का नियन्त्रण

258. कुछ दशाओं में राज्यों को शक्ति प्रदान करने आदि की संघ की शक्ति

259. निरस्त

260. भारत के बाहर के राज्यक्षेत्रों के संबंध में संघ की अधिकारिता

261. सार्वजनिक कार्य, अभिलेख और न्यायिक कार्यवाहियां

262. अंतर्राज्यीय नदियों या नदी-दूनों के जल संबंधी विवादं का न्यायनिर्णयन

263. अंतर्राज्यीय परिषद् के सम्बन्ध में उपबंध

भाग-12 (संघ-राज्य वित्तीय संबंध)

264. निर्वचन

265. विधिय के प्राधिकार के बिना करों का अधिरोपण न किया जाना

266. भारत और राज्यों की संचित निधियां और लोक लेखे

267. आकस्मिकता निधि

268. संघ द्वारा उद्गृहीत किए जाने वाले किंतु राज्यों द्वारा संगृहीत और विनियोजित किए जाने वाले शुल्क

269. संघ द्वारा उद्गृहीत और संगृहीत किंतु राज्यों को सौंपे जाने वाले कर

269(क). अन्तर्राज्यिक व्यापार या वाणिज्य के अनुक्रम मे माल और सेवा कर का उद्ग्रहण और संग्रहण

270. उद्गृहीत कर और उनका संघ तथा राज्यों के बीच वितरण

271. कुछ शुल्कों और करों पर संग के प्रयोजनों के अधिभार

272.  निरस्त

273. जूट पर और जूट उत्पादों पर निर्यात शुल्क के स्थान पर अनुदान

274. ऐसे कराधान पर जिसमें राज्य हितबद्ध है, प्रभाव डालने वाले विधेयकों के लिए राष्ट्रपति की पूर्व सिफारिश की अपेक्षा

275. कुछ राज्यों को संघ से अनुदान

276. वृत्तियों, व्यापारों आजीविकाओं और नियोजनों पर कर

277. व्यावृत्ति

278. निरस्त

279. शुद्ध आगम आदि की गठना

280. वित्त आयोग

281. वित्त

282. संघ या राज्य द्वारा अपने राजस्व से किए जाने वाले व्यय

283.संचित निधियों, आकस्मिकता निधियों और लोक लेखाओं में जमा धनराशियों की अभिरक्षा आदि

284. लोक सेवकों और न्यायालयों द्वारा प्राप्त वादकर्ताओं की जमा राशियों और अन्य धनराशियों की अभिरक्षा

285. संघ की संपत्ति को राज्य के कराधान से छूट

286. माल के क्रय या विक्रय पर कर के अधिरोपण के बारे में निर्बंधन

287. विद्युत पर करों से छूट

288. जल या विद्यु पर करों से छूट

289. राज्यों की संपत्ति और आय को संघ के कराधान से छूट

290. कुछ व्ययों और पेंशनों के संबंध में समायोजन

290(क). कुछ देवस्वम् निधियो को वार्षिक संदाय

291. निरस्त

292. भारत सरकार द्वारा उधार लेना

293. राज्यों द्वारा उधार लेना

294. कुछ दशाओं में संपत्ति, आस्तियों, अधिकारों, दायित्वों और बाध्याताओं का उत्तराधिकार

295. अन्य दशाओं में संपत्ति, आस्तियों, अधिकारों, दायित्वों और बाध्याताओं का उत्तराधिकार

296. राजगामी या व्यपगत या स्वामीविहीन ने से प्रोदभूत संपत्ति

297. राज्यक्षेत्रीय सागर-खंड या महाद्वीपीय मग्नतट भूमि में स्थित मूल्यवान चीजों और अनन्य आर्थिक क्षेत्र के संपत्ति स्रोतों का संघ में निहित होना

298. व्यापार करने आदि की शक्ति

299. संविदाएं

300. वाद और कार्यवाहियां

300(क). विधि के प्राधिकार के बिना व्यक्तियों को संपत्ति से वंचित न किया जाना

भाग-13 (भारत के राज्यक्षेत्र के भीतर व्यापार, वाणिज्य और समागम)

301. व्यापार, वाणिज्य और समागम की स्वतन्त्रता

302. व्यापार, वाणिज्य और समागम पर निर्बन्धन अधिरोपित करने की संसद् की शक्ति

303. व्यापार और वाणिज्य के संबंध में संघ और राज्यों की विधायी शक्तियों पर निर्बन्धन

305. विद्यमान विधियों और राज्य के एकाधिकार का उपबंध करने वाली विधियों की व्यावृत्ति

306. निरस्त

307. अनुच्छेद-301 से अनुच्छेद-304 के प्रयोजनों को कार्यन्वित करने के लिए प्रधिकारी की नियुक्ति

भाग-14 (लोक सेवाएं)

308. निर्वचन

309. संघ या राज्य की सेवा करने वाले व्यक्तियों की भर्ती और सेवा की शर्तें

310. संघ या राज्य की सेवा करने वाले व्यक्तियों की पदावधि

311. संघ या राज्य के अधीन सिविल हैसियत में नियोजित व्यक्तियों का पदच्युत किया जाना, पद से हटाया जाना

312. अखिल भारतीय सेवाएं

312(क). कुछ सेवाओं के अधिकारियों की सेवा की शर्तों में परिवर्तन करने या उन्हें प्रतिसंहत करने की संसद की शक्ति

313. संक्रमणकालीन उपबंध

314. निरस्त

315. संघ और राज्यों के लिए लोक सेवा आयोग

316. सदस्यों की नियुक्ति और पदावधि

317. लोकसेवा आयोग के किसी सदस्य का हटाया जाना और निलंबित किया जाना

318. आयोग के सदस्यों एवं कर्मचारियों की सेवा शर्तों संबंधी नियम बनाने की शक्ति

319. आयोग के सदस्यों द्वारा सदस्यता समाप्ति के पश्चात् पद पर बने रहने पर रोक

320. लोक सेवा आयोगों के कृत्य

321. लोक सेवा आयोगों के कृत्यों का विस्तार करने की शक्ति

322. लोक सेवा आयोगों के व्यय

323. लोक सेवा आयोगों के प्रतिवेदन

भाग-14(क) (अधिकरण)

323(क). प्रशासनिक अधिकरण

323(ख). अन्य विषयों के लिए अधिकरण

भाग-15 (निर्वाचन)

324. निर्वाचनों के अधीक्षण, निदेशन और नियंत्रण का निर्वाचन आयोग में हित होना

325. धर्म, मूल वंश, जाति या लिंग के आधार पर किसी व्यक्ति का निर्वाचक नामावली में सम्मिलित किए जाने के लिए अपात्र न होना

326. लोकसभा और राज्य विधान सभाओं के लिए निर्वाचनों का वयस्क मताधिकार के आधार पर होना

327. विधान-मण्डलों के लिए निर्वाचनों के संबंध में उपबंध करने की संसद् की शक्ति

328. किसी राज्य के विधान-मण्डल के लिए निर्वाचनों के संबंध में उपबंध करने की उस विधान-मंडल की शक्ति

329. निर्वाचन संबंधी मामलों में न्यायालयों के हस्तक्षेप का वर्जन

भाग-16 (कुछ वर्गों के संबंध में विशेष उपबंध)

330. लोकसभा में अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के लिए स्थानों का आरक्षण

331. लोकसभा में आंग्ल भारतीय समुदाय का प्रतिनिधित्व

332. राज्यों की विधान सभाओं में अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के लिए स्थानों का आरक्षण

333. राज्यों की विधान सभाओं में आग्ल-भारतीय समुदाय का प्रतिनिधित्व

334. 70 वर्ष पश्चात् सीटों का आरक्षण तथा विशेष प्रतिनिधित्व की समाप्ति

335. सेवाओं और पदों के लिए अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के दावे

336. कुछ सेवाओं में आंग्ल-भारतीय समुदाय के लिए विशेष उपबंध

337. आंग्ल-भारतीय समुदाय के फायदे के लिए शैक्षिक अनुदान के लिए विशेष उपबंध

338. राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग

338(क). राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग

339. अनुसूचित क्षेत्रों के प्रशासन और अनुसूचित जातियों के कल्याण के बारे में संघ का नियन्त्रण

340. पिछड़े वर्गों की दशाओं के अन्वेषण के लिए आयोग की नियुक्ति

341. अनुसूचित जातियां

342. अनुसूचित जनजातियां

भाग-17 (राजभाषा)

343. संघ की परिभाषा

344. राजभाषा के संबंध में आयोग और संसद् की समिति

345. राज्य की राजभाषा या राजभाषाएं

346. एक राज्य और दूसरे राज्य के बीच या किसी राज्य और संघ के बीच पत्रादि की राजभाषा

347. किसी राज्य की जनसंख्या के किसी अनुभाग द्वारा बोली जाने वाली भाषा के संबंध में विशेष उपबंध

348. उच्चतम न्यायालय और उच्च न्यायालयों में और अधिनियमों, विधेयकों आदि के लिए प्रयोग की जाने वाली भाषा

349. भाषा से संबंधित कुछ विधियां अधिनियमित करने के लिए विशेष प्रक्रिया

350. व्यथा निवारण हेतु अभ्यावेदन में प्रयोग की जाने वाली भाषा

350(क). प्राथमिक स्तर पर मातृभाषा में शिक्षा की सुविधाएं

350(ख). भाषाई अल्पसंख्यक वर्गों के लिए विशेष अधिकारी

351. हिन्दी भाषा के विकास के लिए निदेश

भाग-18 (आपातकालीन प्रावधान)

352. आपात की उद्घोषणा

353. आपात की उद्घोषणा का प्रभाव

354. जब आपात की उद्घोषणा प्रवर्तन में है तब राजस्वों के वितरण संबंधी उपबंधों का लागू होना

355. बाह्य आक्रमण और आंतरिक अशांति से राज्य की संरक्षा करने का संघ का कर्त्तव्य

356. राज्यों में सांविधानिक तंत्र विफल हो जाने की दशा में उपबंध

357. अनुच्छेद-356 के अधीन की गई उद्घोषणा के अधीन विधायी शक्तियों का प्रयोग

358. आपात के दौरान अनुच्छेद-19 के उपबंधों का निलंबन

359. आपात के  दौरान भाग-3 द्वारा प्रदत्त अधिकारों के प्रवर्तन का निलंबन

360. वित्तीय आपात के बारे में उपबंध

भाग-19 (विविध प्रावधान)

361. राष्ट्रपति और राज्यपालों  और राजप्रमुखों का संरक्षण

361(क). संसद और राज्यों के विधान-मण्डलों की कार्यवाहियों के प्रकाशन का संरक्षण

361(ख). लाभप्रद राजनैतिक पद पर नियुक्ति के लिए निरर्हता

362. निरस्त

363. कुछ संधियों, करारों आदि से उत्पन्न विवादों में न्यायालयों के हस्तक्षेप का वर्जन

363(क). देशी राज्यों के शासकों को दी गई मान्यता की समाप्ति और निजी उपाधियों का अंत

364. महापत्तनों और विमानक्षेत्रों के बारे में विशेष उपबंध

365. संघ द्वारा दिए गए निदेशों का अनुपालन करने में या उनकों प्रभावी करने में असफलता का प्रभाव

366. परिभाषाएं

367. निर्वचन

भाग-20 (संविधान का संशोधन)

368. संविधान का संशोधन करने की संसद की शक्ति और उसके लिए प्रक्रिया

भाग-21 (अस्थायी, संक्रमणकालीन और विशेष उपबंध)    

369. राज्य सूची के कुछ विषयों के संबंध में विधि बनाने की संसद की इस प्रकार अस्थायी शक्ति मानो वे समवर्ती सूची के विषय में हो

370. निरस्त

371. महाराष्ट्र और गुजरात राज्य के सम्बन्ध में विशेष उपबंध

371(क) नागालैण्ड राज्य के सम्बन्ध में विशेष उपबंध

371(ख). असम राज्य के सम्बन्ध में विशेष उपबंध

371(ग). मणिपुर राज्य के सम्बन्ध में विशेष उपबंध

371(घ). आन्ध्र प्रदेश या तेलंगाना राज्य के सम्बन्ध में विशेष उपबंध

371(ड़). आन्ध्र प्रदेश में केन्द्रीय विश्व विद्यालय की स्थापना

371(च). सिक्किम राज्य के सम्बन्ध में विशेष उपबंध

371(छ). मिजोरम राज्य के सम्बन्ध में विशेष उपबंध

371(ज). अरुणाचल प्रदेश राज्य के सम्बन्ध में विशेष उपबंध

371(झ). गोवा राज्य के सम्बन्ध में विशेष उपबंध

371(ण). कर्नाटक राज्य के सम्बन्ध में विशेष उपबंध

372. विद्यमान विधियों का प्रवृत्त बने रहना और उनका अनुकूलन

372(क). विधियों का अनुकूलन करने की राष्ट्रपति की शक्ति

373. निवारक निरोध में रखे गए व्यक्तियों के संबंध में कुछ दशाओं में आदेश देने की राष्ट्रपति की शक्ति

374. संघीय न्यायालय के न्यायाधीशों और संघीय न्यायालय में या सपरिषद् हिज मजेस्टी के समक्ष लंबित कार्यवाहियों के बारे में उपबंध

375. संविधान के उपबंधों के अधीन रहते हुए न्यायालयों, प्राधिकारियों और अधिकारियों का कृत्य करते रहना

376. उच्च न्यायालयों के न्यायाधीशों के बारे में उपबंध

377. भारत के नियंत्रक-महालेखा परीक्षक के बारे में उपबंध

378. लोक सेवा आयोगों के बारे में उपबंध

378.(क). आन्ध्र प्रदेश विधान सभा की अवधि के बारे में उपबंध

379-390. निरस्त

391. कतिपय आकस्मिकता में पहली और चौथी अनुसूची में संशोधन की राष्ट्रपति की शक्ति।

392. कठिनाइयों को दूर करने की राष्ट्रपति की शक्ति

भाग-22 (संक्षिप्त नाम, प्रारम्भ आदि)

393. संक्षिप्त नाम

394. प्रारंभ

394(क). हिन्दी भाषा में प्राधिकृत पाठ

395. निरस्त


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